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राष्ट्रीय सेवा योजना (N.S.S.)

बप्पा श्री नारायण वोकेशनल स्नातकोत्तर महाविद्यालय (के0के0वी0)
(आई0एस0ओ0 - 9001 - 2008 प्रमाणित)
स्टेशन रोड, चारबाग, लखनऊ
संक्षिप्त आख्या
विशेष शिविर सत्र 2011-2012
दिनांक 17.01.12 से 23.01.12 तक

बप्पा श्री नाराण वोकेशनल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई दो एवं तीन का विशेष शिविर (दिन-रात) दिनांक 17 जनवरी, 2012 से 23 जनवरी, 2012 तक ग्राम नंदपुर, चिनहट, लखनऊ में लगाया गया। दोनों इकाइयों के विशेष शिविर हेतु चयनित सभी स्वयं-सेवक सात दिवसीय विशेष शिविर हेतु दिनांक 17 जनवरी, 2012 को पूर्वाहन 10:30 बजे कार्यक्रम अधिकारियों श्रीमती सजनी मिश्र, डा0 ए0पी0 वर्मा, डॉ0 देवेन्द्र कुमार एवं डॉ0 गोविन्द कृष्ण मिश्र डॉ0 गीता रानी के नेतृत्व में शिविर स्थल पर एकत्र हुए। तत्पश्चात् स्वयं-सेवकों ने चाय-नाश्ता कर श्रमदान किया एवं शिविर परिसर की साफ-सफाई कर अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सुव्यवस्थित किया। भोजनोपरान्त सभी शिविरार्थी बौद्धिक सत्र के लिए एकत्रित हुए जिसमें उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य तथा उसके इतिहास के बारे में जानकारी दी गयी एवं सात दिवसीय विशेष शिविर के सुचारू एवं सफल संचालन हेतु विस्तृत रूप रेखा तैयार की गयी एवं ग्रामवासियों से शिविरार्थियों ने जनसंपक कर उनकी दिनचर्या एवं समस्याओं की जानकारी ली।

सभी स्वयं-सेवक हर दिन प्रात: उठकर नित्यक्रिया से निवृत्त होकर " राष्ट्रीय सेवा आयोग" के लक्ष्य गीत, प्रार्थना एवं व्यायाम से दिन का शुभारम्भ करते थे। प्रत्येक दिन चयनित ग्राम में जाकर वहां के पौराणिक स्थलों, प्राचीन मन्दिरों एवे विद्यालयों की साफ-सफाई कर श्रमदान करते तथा सभी ग्रामवासियों से जनसंपर्क कर उनकी समस्याओं से अवगत हो यथासम्भव उनकी मदद करते। स्वयं-सेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छता से होने वाले लाभ के बारे में भी चर्चा की तथा स्वयं स्वच्छ रहें व अपने बच्चों को भी स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने की सीख दी। इस वर्ष विशेष शिविर में मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाया गया तथा जिन ग्रामवासियों का मतदाता पहचान पत्र नहीं था उन्हें मतदाता बनाने के लिए स्वयं- सेवकों ने फार्म भी भरवायें तथा सभी ग्रामवासियों को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलाई। प्रात: कालीन सत्र में सभी स्वयं-सेवक नित्य यही दिनचर्या दोहराते तत्पश्चात् स्नान करके दोपहर का भोजन कर बौद्धिक सत्र की तैयारी में लग जाते।

बौद्धिक सत्र में प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों के आंमत्रित विशेषज्ञों को बुलाकर उनके द्वारा स्वयं-सेवकों का व्यक्तित्व, बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास, सामाजिक चेतना एवं प्रतिबद्धता, सदभावना एवं सहायतापूर्ण द्ष्टिकोण को विकसित करने का प्रयास किया गया। बौद्धिक सत्र में डॉ0 ऋचा वार्श्र्णेय, ने ग्राम वासियों एवं स्वयं- सेवकों को स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक चिकित्या का उपयोग कैसे करें इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। एडवोकेट ए0के0 दीक्षित द्वारा शिविर में कानूनी जागरूकता प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें स्वयं-सेवकों ने बढ़ - चढ़ कर हिस्सा लिया एवं लाभान्वित हुए। बौद्धिक सत्र में आमंत्रित विशेषज्ञों का सहयोग निश्चित रूप से सराहनीय एवं अनुकरणीय रहा। इसी प्रकार डॉ0 संजय मिश्र, डॉ0 नरेन्द्र अवस्थी, डॉ0 नरेश कुमार मिश्र, श्री हरीश पाल, डॉ0 डी0सी0 मिश्र, डॉ0 ओ0पी0बी0 शुक्ल, डॉ0 राजीव दीक्षित, डॉ0 अरविन्द कुमार तिवारी, डॉ0 एस0के0 सिंह एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 जी0सी0 मिश्र के विचारों एवे सुझावों को सुना, समझा तथा लाभान्वित हुए।

सांयकालीन सत्र में सभी शिविरार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाज की ज्वलन्‍त समस्याओं पर वाद-विवाद एवं खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा ग्रामीणों को भी उसमें सम्मिलित कर उनसे सामंजस्य एवं आत्मीयता स्थापित कर एक दूसरे को प्रेरित भी किया जो बहुत ही सराहनीय रहा। तत्पश्चात् रात्रि भोजन कर स्वयं-सेवक संकल्प गीम का गान करते तथा रात्रि शयन करते।

सभी शिविरार्थियों ने ग्रामीणों के बीच साक्षरता अभियान चलाकर महिलाओं तथा बुजुर्गों को साक्षर बनाने का सराहनीय प्रयास किया तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

इस प्रकार सात दिवसीय विशेष शिविर ने सभी स्वयं- सेवकों में मानवीय मूल्यों के विकास, मिलजुल कर कार्य करने तथा सामाजिक समस्याओं के निराकरण हेतु आज के युवा को कर्तव्यों का बोघ कराया जो निश्च्ति ही एक उपलब्धि रही। इन सात दिनों में कार्यक्रम अधिकारियों के मार्गदर्शन में शिविरार्थियों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार नियोजन, सामाजिक कुरीतियों यथा कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, लिंग भेद, एड्स, बाल-विवाह आदि के विषय में जागृत करते हुए गहन चर्चा की तथा इनके निवारण का संकल्प दिलाया।